महत्वपूर्ण संविधान संशोधन 2021 तक | Constitutional Amendments in Hindi

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कई बार विभिन्न परीक्षाओं में संविधान संशोधन से जुड़े सवाल पूछे जा चुके है|

आप सबको ये पता ही होगा की भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है| भारतीय संविधान के स्रोतों के बारे में बात करें तो, हमारे संविधान निर्माताओं ने सारी दुनिया के प्रमुख संविधानों का अध्ययन करने के बाद भारत का संविधान बनाया था|

इन सब के बाद भी यदि कोई कमी रह जाती है तो उसके लिए संविधान संशोधन का भी रास्ता छोड़ा गया था| समय-समय पर जब भी किसी कानून में कुछ कमी महसूस की गई तो उसमे सुधार या संशोधन किये जाते रहे हैं|

इस article में हम कुछ samvidhan sanshodhan के बारे में आपको बताने जा रहे है| सभी छात्रों को मैं ये सुझाव देता हूँ की इनको अपनी नोट्स में लिख लें|

Table of Contents

Important Constitutional Amendments in India

पहला संविधान संशोधन 1951

  • भाषण और अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकारों पर उचित प्रतिबन्ध लगाए गए|
  • नवीं अनुसूची को जोड़ा गया, जिसमे उल्लिखित कानूनों को सुप्रीम कोर्ट के के न्यायिक पुनरावलोकन की शक्तियों के अंतर्गत परीक्षा नहीं की जा सकती हैं|

दूसरा संविधान संशोधन 1952

  • 1951 की जनगणना के आधार पर लोकसभा की सीटों की संख्या को पुनर्व्यवस्थित किया गया|

तीसरा संविधान संशोधन 1954

  •  इससे खाद्य पदार्थों, पशुओं के चारे, कपास और जूट के उत्पादन, और वितरण को नियंत्रित करने के लिए संसद को अधिकार दिये गए|

चौथा संविधान संशोधन 1955 

  • इसके अंतर्गत राज्य द्वारा लोकहित में किसी निजी संपत्ति का अधिग्रहण करने की स्थिति में इसकी क्षतिपूर्ति को कोर्ट की जांच से बाहर रखा गया है|

सातवां संविधान संशोधन 1956

  • इस संशोधन द्वारा भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया| 
  • इसी के अनुरूप ही केंद्र और राज्यों की विधायिका में सीटों को दोबारा व्यवस्थित किया गया|

आठवां संविधान संशोधन 1959

  • इसके अंतर्गत केंद्र और राज्यों क्र निम्न सदनों म SC-ST और एंग्लो इंडियंस के आरक्षण सम्बन्धी प्रावधानों को दस सालों, 1970 तक के लिए बड़ा दिया गया|

नौवां संविधान संशोधन 1960

  • इसके द्वारा संविधान की प्रथम अनुसूची में परिवर्तन करके भारत और पाकिस्तान के बीच 1958 की संधि की शर्तों के अनुसार बेरुबारी और खुलना जैसे क्षेत्र पाकिस्तान को दे दिए गए|

दसवां संविधान संशोधन 1961

  • दादरा और नगर हवेली की भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया गया|

11वां संविधान संशोधन 1961

  • इसके अंतर्गत उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के बजाय एक निर्वाचक मंडल की व्यवस्था की गई| 
  • यह भी निर्धारित किया गया की निर्वाचन मंडल में पद की रिक्ति के आधार पर राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के चुनाव को चैलेंज नहीं किया जा सकता|

12वां संविधान संशोधन 1962 

  • गोवा और दमन और दीव को भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया|

13वां संविधान संशोधन 1962

  • आर्टिकल 371A के तहत एक विशेष दर्जे के साथ नागालैंड की स्थापना हुई| 

14वां संविधान संशोधन 1962

  • पांडिचेरी या पुडुचेरी को भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया|
  • इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गोवा, दमन और दीव और पुडुचेरी को विधायिका और मंत्रिपरिषद प्रदान की गई|

15वां संविधान संशोधन 1963 

  • इस संशोधन के द्वारा हाई कोर्ट के जजों की रिटायरमेंट की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी |

16वां संविधान संशोधन 1963 

  • इस संशोधन के द्वारा देश की सम्प्रभुता और अखंडता के हित में मूल अधिकारों में कुछ परिवर्तन किये गए|
  • तीसरी अनुसूची में परिवर्तन करके शपथ ग्रहण में ‘मैं भारत की स्वतंत्रता और अखंडता को बनाये रखूँगा‘ जोड़ा गया|

18वां संविधान संशोधन 1966 

  • पंजाबी भाषा क्षेत्र को पंजाब और हिंदी भाषी क्षेत्र को हरियाणा के रूप में गठित किया गया
  • पर्वतीय क्षेत्र हिमाचल प्रदेश को दिए गए और चंडीगढ़ को यूनियन टेरिटरी बनाया गया|  

21वां संविधान संशोधन 1967

  • इसके द्वारा सिंधी भाषा को आठवीं अनुसूची के तहत पंद्रहवीं भाषा के रूप में शामिल किया गया| 

23वां संविधान संशोधन 1969

  • इसके अंतर्गत केंद्र और राज्यों क्र निम्न सदनों म SC, ST और एंग्लो इंडियंस के आरक्षण सम्बन्धी प्रावधानों को और दस सालों, 1980 तक के लिए बड़ा दिया गया| 

24वां संशोधन 1971

  • संसद की इस शक्ति को स्पष्ट किया गया कि वह संविधान के किसी भी भाग को (भाग 3 में आने वाले मूल अधिकारों को भी) संशोधित कर सकती है| 
  • यह भी निर्धारित किया गया की संशोधन सम्बन्धी विधेयक जब दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति के पास जायेगा तो इस पर राष्ट्रपति को हस्ताक्षर करना ही पड़ेगा|

26वां संशोधन 1971

  • भूतपूर्व देशी रियासतों और उनके शासकों की उपाधियों और उनके प्रिवी पर्स को समाप्त कर दिया गया|

27वां संशोधन 1971

  • मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश को यूनियन टेरिटरी के रूप में स्थापित किया गया|

29वां संविधान संशोधन 1972

  • केरल के दो भूमि-सुधार अधिनियमों को नौवीं अनुसूची में रख दिया गया| 

31वां संविधान संशोधन 1973

  • लोकसभा के सदस्यों की संख्या 525 से 545 कर दी गई| 
  • केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व घटा कर 25 से 20 कर दिया गया|

36वां संविधान संशोधन 1975

  • सिक्किम को भारतीय संघ में मिलाया गया और उसे भारत का 22वां राज्य बनाया गया।

37वां संविधान संशोधन 1975

  • इसके द्वारा केंद्र शासित प्रदेश अरुणाचल प्रदेश के लिए विधान सभा और मंत्रियों परिषद के गठन की व्यवस्था की गई।

38वां संविधान संशोधन 1975

  • इसमें ये व्यवस्था की गई कि राष्ट्रपति, राज्यपालों और उप राज्यपालों द्वारा आपात स्थिति वाले अध्यादेशों की वैधानिकता की जांच न्यायालय नहीं कर सकते|

39वां संविधान संशोधन 1975

  • इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर और प्रधानमंत्री के निर्वाचन को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती| 
  • इसे 44 वें संशोधन द्वारा समाप्त भी कर दिया गया था|

42वां संविधान संशोधन 1976 

  • इसे मिनी-संविधान के रूप में भी जाना जाता है। यह स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों को प्रभावी करने के लिए अधिनियमित किया गया था।
  • संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और अखंडता शब्दों को जोड़ा गया| 
  • अनुच्छेद 31-ग को जोड़ा गया जिससे नीति निदेशक तत्वों को प्रभावी करने के लिए मूल अधिकारों में संशोधन किया जा सके| 
  • भाग 4-क और अनुच्छेद 51-क जोड़ कर नागरिकों के 11 मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया| 
  • इसके द्वारा संविधान संशोधनों को न्यायिक परीक्षण से मुक्त किया गया| 
  • केंद्र सरकार को यह अधिकार दिया गया की वह जब चाहे किसी भी राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर सकती है| 
  • लोकसभा और विधानसभाओं के कार्यकाल में एक साल की वृद्धि की गई|

44वां संविधान संशोधन 1978 

  • संपत्ति का अधिकार, मूलाधिकार से क़ानूनी अधिकार बना दिया गया| 
  • लोकसभा और विधानसभाओं के कार्यकाल को पुनः 5 वर्ष कर दिया गया| 
  • राष्ट्रपति को यह अधिकार दिया गया की वह मंत्रिमंडल द्वारा दी गई सलाह को पुनः मंत्रिमंडल के पास विचार के लिए सकता है| उसके बाद पुनः दी गई सलाह को मानने के लिए बाध्य होगा| 
  • राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा तभी करेगा जब उसे केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिखित सिफारिश की जाए| 
  • राष्ट्रीय आपातकाल को आंतरिक अशांति के आधार पर नहीं लागू किया जा सकता बल्कि इसके लिए सशस्त्र विद्रोह को आधार बनाया गया|

50वां संविधान संशोधन 1984 

  • इसके द्वारा अनुच्छेद 33 में पुनः संशोधन करके सुरक्षाबलों के मूल अधिकारों को प्रतिबंधित किया गया|

52वां संविधान संशोधन 1985 

  • इसमें 10वीं अनुसूची जोड़ी गई और दल-बदल कानून बनाया गया|

58वां संविधान संशोधन 1987 

  • इसके द्वारा राष्ट्रपति को संविधान का प्रामाणिक हिंदी संस्करण प्रकाशित करने के लिए अधिकृत किया गया|

चलिए अब आप लोगों से एक सवाल है इसका जवाब आप कमेंट में बताएं। भारत में मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कब की गई थी?

61वां संविधान संशोधन 1989 

  • इसके द्वारा अनुच्छेद 326 में संशोधन करके मतदान की न्यूनतम आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई थी|

65वां संविधान संशोधन 1990 

  • इसके द्वारा अनुच्छेद 338 में संशोधन करके अनुसूचित जातिजनजाति आयोग के गठन की व्यवस्था की गई|

69वां संविधान संशोधन 1991

  • दिल्ली का नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र रखा गया| 
  • विधानसभा और मंत्रिपरिषद की व्यवस्था की गई|

71वां संविधान संशोधन 1992 

  • 3 भाषाओँ मणिपुरी, कोंकणी और नेपाली को 8वीं अनुसूची में जोड़ा गया|

73वां संविधान संशोधन 1992 

  • अनुसूची 11 को जोड़कर सारे देश में पंचायती राज की स्थापना का प्रावधान किया गया|

74वां संविधान संशोधन 1993 

  • इसमें 12वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमे नगर पालिका, नगर निगम और नगर-परिषदों से सम्बंधित प्रावधान किये गए है|

83वां संविधान संशोधन 2000

  • इसके द्वारा पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण का प्रावधान न करने की छूट प्रदान की गई क्योंकि अरुणाचल प्रदेश में कोई भी अनुसूचित जाति नहीं है|

84वां संविधान संशोधन 2001 

  • इसके द्वारा लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में 2026 तक कोई भी परिवर्तन न करने की व्यवस्था की गई|

85वां संविधान संशोधन 2001 

  • सरकारी सेवाओं में अनुसूचित जातियों/जनजातियों के अभ्यर्थियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था की गई|

86वां संविधान संशोधन 2002  

  • इसके द्वारा 6 से 14 की आयु के बच्चों को अनिवार्य एवं निशुल्क शिक्षा को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता देने सम्बन्ध प्रावधान किये गए है|

91वां संविधान संशोधन 2003  

  • दल-बदल कानून में संशोधन, केवल सम्पूर्ण दल के विलय को मान्यता| 
  • केंद्र तथा राज्य में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या क्रमशः लोकसभा और विधान सभा की सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत होगा|

92वां संविधान संशोधन 2003 

  • संविधान की आठवीं अनुसूची में बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओँ को जोड़ा गया|

93वां संविधान संशोधन 2006 

  • शिक्षण संस्थानों में SC / ST और OBC के छात्रों के लिए सीटों में आरक्षण की व्यवस्था की गई|

100वां संविधान संशोधन 2015 

  • इसके द्वारा भारत और बांग्लादेश के मध्य 1974 में हस्ताक्षरित भू-सीमा समझौते से संबंधित उपबंध किये गए है|

101वां संविधान संशोधन 2017  

  •  माध्यम से 1 जुलाई, 2017 को GST लागू किया गया था|

103वां संविधान संशोधन  2019

  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के नागरिकों के लिए 10% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है|

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